निवेश करने से पहले कंपनी के हर पहलू को समझना बेहद जरूरी होता है। इस एनालिसिस में हम Last Mile Enterprises Ltd. के हर महत्वपूर्ण फंडामेंटल पॉइंट को विस्तार से समझेंगे।
कंपनी का परिचय:-
Last Mile Enterprises Ltd. भारत की एक प्रमुख लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन मैनेजमेंट कंपनी है, जो ई-कॉमर्स, रिटेल, FMCG, फार्मास्युटिकल, और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए तेज़ और विश्वसनीय डिलीवरी सेवाएं प्रदान करती है। Last Mile Enterprises Ltd. एक तेजी से बढ़ने वाली कंपनी है, जिसने हाल के वर्षों में सेल्स और प्रॉफिट में जबरदस्त ग्रोथ दिखाई है। हालांकि, इसके फाइनेंशियल्स और मैनेजमेंट को लेकर कुछ ऐसे संकेत भी हैं जो निवेशकों के लिए चिंता का विषय हो सकते हैं। इसलिए, इस कंपनी का पूरा विश्लेषण करना बहुत जरूरी है।

फंडामेंटल एनालिसिस:-
मार्केट कैप और वैल्यूएशन
| विवरण | मूल्य |
|---|---|
| मार्केट कैप | ₹872 करोड़ |
| स्टॉक P/E | 37.3 |
| उद्योग P/E (सामान्य) | 25-30 |
| बुक वैल्यू | ₹105 |
| P/B रेशियो | 2.37 |
| ROCE | 5.72% |
| ROE | 3.88% |
| डिविडेंड यील्ड | 0.10% |
👉 समझें:
- मार्केट कैप ₹872 करोड़ है, जो एक स्मॉल-कैप कंपनी को दर्शाता है।
- P/E रेशियो 37.3 है, जो उद्योग औसत (25-30) से अधिक है। इसका मतलब है कि यह स्टॉक महंगा है।
- P/B रेशियो 2.37 है, जो दर्शाता है कि कंपनी का मार्केट प्राइस उसकी बुक वैल्यू से 2.37 गुना अधिक है।
- ROCE (Return on Capital Employed) और ROE (Return on Equity) काफी कम हैं, जिससे यह संकेत मिलता है कि Last Mile Enterprises Ltd. अपने निवेश से अधिक रिटर्न नहीं कमा पा रही।
- डिविडेंड यील्ड सिर्फ 0.10% है, यानी कंपनी अपने मुनाफे का बहुत कम हिस्सा डिविडेंड के रूप में निवेशकों को दे रही है।
अगर कोई निवेशक ज्यादा प्रॉफिटेबिलिटी चाह रहा हो, तो उसे कम P/E और अधिक ROCE/ROE वाली कंपनियों को देखना चाहिए।
सेल्स और प्रॉफिट ग्रोथ
| समय अवधि | सेल्स ग्रोथ | प्रॉफिट ग्रोथ |
|---|---|---|
| TTM (पिछले 12 महीने) | 1551% | 172% |
| स्टॉक प्राइस CAGR (संवृद्धि दर) | ||
| 10 साल | 59% | |
| 3 साल | 134% | |
| 1 साल | -70% |
👉 समझें:
- 1551% की सेल्स ग्रोथ – इसका मतलब है कि Last Mile Enterprises Ltd. की बिक्री में भारी उछाल आया है।
- 172% की प्रॉफिट ग्रोथ – Last Mile Enterprises Ltd. की कमाई भी तेजी से बढ़ रही है।
- स्टॉक प्राइस ग्रोथ (CAGR)
- 10 साल में 59% – यह दिखाता है कि Last Mile Enterprises Ltd. ने लंबी अवधि में अच्छा प्रदर्शन किया है।
- 3 साल में 134% – यह दिखाता है कि हाल ही में कंपनी में जबरदस्त ग्रोथ आई है।
- 1 साल में -70% – पिछले 1 साल में स्टॉक में बड़ी गिरावट आई है, जिससे निवेशकों को नुकसान हुआ है।
अगर किसी कंपनी में इतनी ज्यादा गिरावट आती है, तो यह मैनेजमेंट और मार्केट ट्रस्ट को लेकर सवाल खड़ा करता है। निवेशकों को सतर्क रहना चाहिए।
बैलेंस शीट (वित्तीय स्थिति)
| वर्ष | मार्च 2023 | मार्च 2024 | सितंबर 2024 |
|---|---|---|---|
| इक्विटी कैपिटल | 12 | 17 | 27 |
| रिजर्व्स | 1 | 86 | 340 |
| उधारी (Borrowings) | 11 | 50 | 39 |
| कुल देनदारियां | 45 | 210 | 446 |
| कुल संपत्तियां | 45 | 210 | 446 |
👉 समझें:
- इक्विटी कैपिटल में वृद्धि – यह दर्शाता है कि कंपनी ने नए शेयर जारी किए हैं।
- रिजर्व्स में भारी बढ़ोतरी – कंपनी की आंतरिक बचत बढ़ रही है, जो अच्छा संकेत है।
- कुल देनदारियां बढ़ीं (₹45 करोड़ → ₹446 करोड़) – यह कंपनी के कर्ज और देनदारियों में वृद्धि को दर्शाता है, जो चिंता का विषय हो सकता है।
अगर कोई कंपनी बहुत ज्यादा कर्ज ले रही है, तो यह संकेत हो सकता है कि वह आंतरिक रूप से लाभदायक नहीं है और उसे बाहरी धन की जरूरत है।
शेयरहोल्डिंग पैटर्न
| होल्डर | होल्डिंग प्रतिशत | पिछली तिमाही में बदलाव |
|---|---|---|
| प्रमोटर | 27.03% | -4.92% (घटी) |
| FII (Foreign Investors) | 12.26% | +3.5% (बढ़ी) |
| Public | 60.72% | +1.42% (बढ़ी) |
👉 समझें:
- प्रमोटर होल्डिंग में गिरावट (68% से 27%) – यह एक खराब संकेत है क्योंकि प्रमोटर अपनी हिस्सेदारी बेच रहे हैं।
- FII निवेश में बढ़ोतरी – विदेशी निवेशक इसमें रुचि दिखा रहे हैं, जो पॉजिटिव है।
- पब्लिक होल्डिंग बढ़ी – यह दिखाता है कि आम निवेशकों की रुचि बढ़ रही है, लेकिन यह कंपनी में जोखिम को भी दर्शाता है।
अगर प्रमोटर होल्डिंग तेजी से गिर रही हो, तो यह संकेत देता है कि खुद कंपनी के मालिकों को अपने बिजनेस पर भरोसा नहीं है। यह अलार्मिंग हो सकता है।

नकारात्मक पहलू :-
❌ प्रमोटर होल्डिंग में गिरावट – पिछले तिमाही में 4.92% की गिरावट, जो निवेशकों के लिए चिंता का विषय है।
❌ कम टैक्स रेट – यह किसी संभावित टैक्स बेनिफिट या गवर्नेंस इश्यू को दर्शा सकता है।
❌ डिब्टर डेज़ (Debtor Days) बढ़े – 49 दिन से 61.2 दिन, यानी ग्राहकों से पेमेंट मिलने में ज्यादा समय लग रहा है।
❌ वर्किंग कैपिटल साइकल बढ़ा – 103 दिन से 236 दिन, यानी कंपनी को कैश फ्लो में दिक्कत हो सकती है।
📉 अगर किसी कंपनी का वर्किंग कैपिटल साइकल लंबा हो, तो इसका मतलब है कि उसे अपने कर्ज चुकाने और नए निवेश करने में मुश्किल हो सकती है।
क्या निवेश करना चाहिए ?
✅ अगर आप हाई ग्रोथ कंपनियों में निवेश करना चाहते हैं और जोखिम उठा सकते हैं, तो यह स्टॉक आकर्षक हो सकता है।
❌ अगर आप स्टेबल कंपनी चाहते हैं और प्रमोटर होल्डिंग को अहम मानते हैं, तो इसमें निवेश करना जोखिमभरा हो सकता है।
📢 सुझाव: इस स्टॉक में निवेश करने से पहले प्रमोटर होल्डिंग और फाइनेंशियल ट्रेंड्स पर नजर बनाए रखें। 🚀
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