हिमाचल प्रदेश के छुपे हुए खूबसूरत पर्यटन स्थल

Hidden Place To Visit in Himachal Pradesh हिमाचल प्रदेश की पहाड़ियों मे छुपी एक बहुत ही खूबसूरत और मनमोहक झील। इस झील तक जाना बहुत ही मुश्किल काम है गांव से झील तक जाने के लिए 2 दिन का समय लगता है लेकिन यदि आप यहाँ तक पहूँचते है तो आपकी सारी थकान ख़तम हो जाएगी। और यहाँ पर इतनी शांति है की आप यहाँ पर अपने सरे दुःख दर्द भूल जाओगे चाहे कुछ समय के लिए ही सही। क्यूंकि मुझे पता है दुःख दर्द परेशानिया कभी आपका पीछा नहीं छोड़ सकती । लेकिन यदि आप इस तरह की जगह पर जाते हो तो आप सब से ऊँची जगहों में से एक पर होंगे ।
Saru Lake के आस पास खूबसूरत पहाड़ मंत्रमुग्द कर देते है

यहाँ तक पहूँचते पहूँचते हमें जिन कठिनायों का सामना करना पड़ता है उनके बारे में बात करते है । आपको पहले जिला शिमला के तहसील चिरगांव में पहुंचना पड़ेगा और फिर तहसील चिरगांव के अंतर्गत आने वाली पंचयत रोहल में पहुंचना पड़ेगा , यहाँ पहुंचना कोई मुश्किल काम नहीं है यहाँ तक बस और टैक्सी में आप आराम से पहुँच सकते हो । लेकिन पहुँचने से पहले आपको वहां पर किसी से कॉन्टेक्ट कर क्र रखना पड़ेगा क्यूंकि आप रहने की वव्यवस्था और खाने पिने की वव्यवस्था करना बहुत ज़रूरी है
इसका कारण यह है की यह क्षेत्र प्रमुख नगर से बहुत ज्यादा दूर है । और फिर रोहल पहुँचने के बाद आपको 2 दिन का पैदल ट्रैक करना होगा , इस ट्रैक में कोई भी खतरा नहीं है रास्ता बहुत ही शानदार तथा खुला है जहाँ पर आप आराम से चल सकते हो , दूसरे दिन आप दिन के समय 1 बजे के आस पास सरु झील जहाँ की ये फोटो है पहुँच जाओगे ।
जिभी (Jibhi) – हरे-भरे जंगलों के बीच छिपा स्वर्ग
क्यों जाएं?
जिभी कुल्लू जिले में स्थित एक छोटा लेकिन मंत्रमुग्ध कर देने वाला गाँव है। यह लकड़ी के पारंपरिक घरों, साफ-सुथरी झीलों और शांत वातावरण के लिए जाना जाता है।
आकर्षण:
✔ झीनी झील (Jhini Waterfall)
✔ चेहनी कोठी (Chehni Kothi) – प्राचीन लकड़ी का किला
✔ ट्राउट मछली पकड़ने का आनंद
✔ घने देवदार के जंगलों में ट्रेकिंग
कैसे पहुंचे?
जिभी, भुंतर हवाई अड्डे से 60 किमी दूर है। आप कुल्लू या भुंतर से टैक्सी या बस ले सकते हैं।
चितकुल (Chitkul) – भारत का आखिरी गाँव
क्यों जाएं?
समुद्र तल से 11,320 फीट की ऊंचाई पर स्थित यह गाँव बास्पा नदी के किनारे बसा हुआ है और इसे भारत का आखिरी गाँव माना जाता है। यह उन यात्रियों के लिए परफेक्ट है, जो शांति और एडवेंचर दोनों चाहते हैं।
आकर्षण:
✔ बास्पा नदी के किनारे कैंपिंग
✔ प्राचीन हिंदू मंदिर – माता देवी मंदिर
✔ हरी-भरी घाटियाँ और खूबसूरत पहाड़ों के दृश्य
कैसे पहुंचे?
शिमला से चितकुल की दूरी लगभग 250 किमी है। सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन शिमला और हवाई अड्डा जुब्बरहट्टी है।
बरोट (Barot) – ट्राउट मछली पकड़ने का स्वर्ग
क्यों जाएं?
यह गाँव हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में स्थित है और ब्यास नदी के किनारे बसा हुआ है। यह अपनी ट्राउट मछली पकड़ने और खूबसूरत घाटियों के लिए प्रसिद्ध है।
आकर्षण:
✔ उत्तर भारत का पहला ट्राउट मछली फार्म
✔ नेचर ट्रेल्स और कैंपिंग
✔ नंगल हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट
कैसे पहुंचे?
बरोट पठानकोट रेलवे स्टेशन से 110 किमी दूर है और आप पालमपुर या जोगिंदर नगर से बस ले सकते हैं।
मलाणा (Malana) – रहस्यमयी गाँव
क्यों जाएं?
मलाणा कुल्लू जिले में स्थित एक रहस्यमयी गाँव है, जहां के लोग खुद को सिकंदर महान के वंशज मानते हैं। इस गाँव में अपनी अलग भाषा और संस्कृति है, और बाहरी लोग यहाँ के लोगों को छू भी नहीं सकते!
आकर्षण:
✔ मलाणा क्रीम – दुनिया की सबसे बेहतरीन हशीश के लिए प्रसिद्ध
✔ अद्वितीय ग्रामीण संस्कृति और परंपराएँ
✔ शानदार पहाड़ी दृश्य
कैसे पहुंचे?
भुंतर हवाई अड्डे से 40 किमी की दूरी पर स्थित है। कसोल से 4 घंटे की ट्रेकिंग कर मलाणा पहुँचा जा सकता है।
तिथान घाटी (Tirthan Valley) – एक छुपा हुआ एडवेंचर स्पॉट
क्यों जाएं?
यह घाटी ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क (GHNP) के नजदीक स्थित है और इसे एडवेंचर लवर्स के लिए स्वर्ग माना जाता है।
आकर्षण:
✔ ट्रेकिंग और रिवर क्रॉसिंग
✔ वन्यजीव प्रेमियों के लिए शानदार स्थान
✔ ट्राउट मछली पकड़ने की सुविधा
कैसे पहुंचे?
भुंतर हवाई अड्डे से 50 किमी की दूरी पर स्थित है। कुल्लू से बस या टैक्सी से पहुँचा जा सकता है।
प्रांगला पास (Prang La Pass) – अनदेखा ट्रेकिंग डेस्टिनेशन
क्यों जाएं?
यह स्थान लाहौल-स्पीति में स्थित है और बहुत कम लोगों को इसकी जानकारी है। यह एडवेंचर और ट्रेकिंग के लिए बेहतरीन स्थान है।
आकर्षण:
✔ बर्फ से ढकी पहाड़ियाँ
✔ ट्रेकिंग और कैंपिंग
✔ लद्दाख जैसी शानदार दृश्यावली
कैसे पहुंचे?
मनाली से केलांग होते हुए यहाँ पहुँचा जा सकता है।
पब्बर घाटी (Pabbar Valley) – ट्रेकिंग और शांति के लिए परफेक्ट
क्यों जाएं?
यह घाटी शिमला से 120 किमी की दूरी पर स्थित है और सेब के बागों, हरे-भरे जंगलों और शांत वातावरण के लिए जानी जाती है।
आकर्षण:
✔ चांशल पास – बर्फीले पहाड़ों के दृश्य
✔ सुंदर सेब के बाग
✔ शांति और कम भीड़
कैसे पहुंचे?
शिमला से सड़क मार्ग द्वारा पहुँचा जा सकता है।
अगर आप हिमाचल प्रदेश के भीड़भाड़ वाले पर्यटन स्थलों से हटकर किसी शांत, प्राकृतिक और अनदेखे स्थान की तलाश में हैं, तो ये स्थान आपके लिए बेस्ट हैं। चाहे आप एडवेंचर लवर हों, प्रकृति प्रेमी हों, या बस शांति की तलाश में हों – इन गंतव्यों में आपको सब कुछ मिलेगा! 🌿🏔️
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